दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को रेड चिलीज़ एंटरटेनमेंट, नेटफ्लिक्स, गूगल, एक्स कॉर्प (पहले ट्विटर), और मेटा को समन जारी किया है। ये नोटिस भारतीय राजस्व सेवा (IRS) अधिकारी Sameer Wankhede द्वारा दायर मानहानि याचिका के जवाब में भेजे गए हैं। यह याचिका नेटफ्लिक्स पर आने वाली Aryan Khan निर्देशित वेब सीरीज़ “The Ba*ds of Bollywood”** से जुड़ी है, जिसमें वानखेड़े जैसे दिखने वाले एक किरदार को दिखाया गया है।
वानखेड़े का आरोप है कि सीरीज़ में दिखाया गया किरदार “उन्हें निशाना बनाता है और उनका मजाक उड़ाता है।” उन्होंने अदालत से इस कथित मानहानिकारक कंटेंट को हटाने और आगे ऐसे किसी भी वीडियो या बयान को प्रसारित करने से रोक लगाने की मांग की है।
दिल्ली हाईकोर्ट की टिप्पणी
न्यायमूर्ति पुरुषेन्द्र कुमार कौरव ने सभी प्रतिवादियों को नोटिस जारी करते हुए जवाब दाखिल करने को कहा। अदालत ने कहा, “पहले सभी पक्ष अपना जवाब दाखिल करें। अभी सामान्य स्तर पर कोई अंतरिम आदेश जारी नहीं किया जा सकता।”
इस मामले की अगली सुनवाई 30 अक्टूबर 2025 को होगी।
पृष्ठभूमि: आर्यन खान ड्रग्स केस और वानखेड़े
Sameer Wankhede वही अधिकारी हैं जिन्होंने 2021 में मुंबई क्रूज़ ड्रग्स केस में अभिनेता शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान को एनसीबी की कार्रवाई में गिरफ्तार किया था। बाद में 2022 में आर्यन खान को सभी आरोपों से बरी कर दिया गया, और इस केस को लेकर सीबीआई ने वानखेड़े और कुछ अन्य अधिकारियों पर वसूली के आरोपों की जांच भी शुरू की थी।
वर्तमान में वानखेड़े डायरेक्टरेट जनरल ऑफ एनालिटिक्स एंड रिस्क मैनेजमेंट (मुंबई) में पदस्थ हैं।
मानहानि केस में वानखेड़े की मांग
वानखेड़े ने शाहरुख खान और गौरी खान के स्वामित्व वाली Red Chillies Entertainment, नेटफ्लिक्स, गूगल, मेटा, X कॉर्प और एक मीडिया कंपनी के खिलाफ ₹2 करोड़ का मानहानि हर्जाना मांगा है। उन्होंने कहा कि यह राशि वह टाटा मेमोरियल कैंसर हॉस्पिटल को दान करेंगे।
उनकी याचिका में कहा गया है कि “सीरीज़ में दिखाया गया एक किरदार जानबूझकर इस तरह बनाया गया है कि उसकी शक्ल, चाल-ढाल और बात करने का अंदाज़ वानखेड़े से मेल खाता है। यह एक योजनाबद्ध कोशिश है ताकि उन्हें नकारात्मक रूप में पेश किया जा सके।”
“सत्य मेव जयते” पर आपत्तिजनक सीन का आरोप
वानखेड़े की याचिका में दावा किया गया है कि सीरीज़ में एक किरदार “सत्य मेव जयते” का नारा बोलने के बाद आपत्तिजनक इशारा करता है। यह भारत के राष्ट्रीय प्रतीक का अपमान है और Prevention of Insults to National Honour Act, 1971 के तहत दंडनीय अपराध है।
उन्होंने कहा कि इस दृश्य का उद्देश्य सिर्फ उनका नहीं, बल्कि पूरे कानून प्रवर्तन एजेंसियों का मजाक उड़ाना है।
उनका कहना है कि इस तरह की सामग्री न केवल व्यक्तिगत बदनामी करती है, बल्कि देश की एंटी-ड्रग एजेंसियों की छवि को भी नुकसान पहुंचाती है और लोगों के विश्वास को कमजोर करती है।
Sameer Wankhede बोले — “ये व्यंग्य नहीं, अपमान है”
Sameer Wankhede ने कहा, “मैं अदालत का दरवाजा अपने परिवार और अपनी वर्दी की इज़्ज़त के लिए खटखटा रहा हूं। हम लोग देश के लिए खून-पसीना बहाते हैं। ऐसे में किसी अधिकारी का मजाक बनाना व्यंग्य नहीं, अपमान है।”
उन्होंने आगे कहा, “मेरे परिवार को सोशल मीडिया पर ट्रोल किया जा रहा है, धमकियां मिल रही हैं, कुछ तो विदेशों से भी। लेकिन मैं पीछे नहीं हटूंगा। ये लड़ाई सिर्फ मेरे लिए नहीं, बल्कि उन सभी अफसरों के लिए है जो देश की सेवा में लगे हैं।”
“मैं न्यायपालिका पर पूरा भरोसा रखता हूं”
Sameer Wankhede ने कहा कि वह इस कानूनी लड़ाई को अंत तक लड़ेंगे। “मुझे अदालतों पर पूरा भरोसा है। ये मामला मेरे सम्मान, मेरे परिवार और मेरे देश के प्रतीक ‘सत्य मेव जयते’ की गरिमा से जुड़ा है,” उन्होंने कहा।
सीरीज़ के खिलाफ अन्य आरोप
वानखेड़े की याचिका में यह भी कहा गया है कि सीरीज़ में इस्तेमाल किया गया कंटेंट Information Technology Act और Bharatiya Nyaya Sanhita (BNS) के कई प्रावधानों का उल्लंघन करता है।
उन्होंने अदालत से मांग की है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर चल रहे सभी संबंधित वीडियो, पोस्ट और मीम्स को हटाने का निर्देश दिया जाए और किसी भी अज्ञात व्यक्ति (John Doe defendants) को इस विषय पर आगे कंटेंट बनाने से रोका जाए।
अदालत की अगली सुनवाई 30 अक्टूबर को
सुनवाई के दौरान वानखेड़े के वकील सीनियर एडवोकेट संदीप सेठी ने कहा कि इस शो की वजह से उनके मुवक्किल को “तगड़ी ऑनलाइन ट्रोलिंग” झेलनी पड़ रही है।
इस पर जज ने टिप्पणी की, “आपके पास अदालत आने का सही कारण है, लेकिन प्रक्रिया का पालन करना होगा।”
अदालत ने फिलहाल कोई तत्काल रोक नहीं लगाई है, लेकिन सभी प्रतिवादियों को जवाब दाखिल करने के लिए सात दिन का समय दिया है।
वकीलों की मौजूदगी
इस सुनवाई में Sameer Wankhede की ओर से सीनियर एडवोकेट संदीप सेठी और उनकी टीम पेश हुई।
रेड चिलीज़ की ओर से सीनियर एडवोकेट शायल त्रेहन, और नेटफ्लिक्स की तरफ से सीनियर एडवोकेट राजीव नैयर और एडवोकेट साईकृष्ण राजगोपाल मौजूद रहे।
विवाद बढ़ता जा रहा है
The Ba**ds of Bollywood* Aryan Khan का निर्देशन डेब्यू है, जो नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम हो रहा है। इस सीरीज़ में एक किरदार Sameer Wankhede से काफी मिलता-जुलता बताया जा रहा है। सोशल मीडिया पर इसको लेकर जमकर बहस छिड़ी हुई है।
अब मामला अदालत में पहुंच गया है, और सबकी नज़रें 30 अक्टूबर की सुनवाई पर टिकी हैं—जहां तय होगा कि क्या यह “व्यंग्य” था या सच में “अपमान”।
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