“Raanjhanaa AI Ending विवाद: Dhanush और Aanand L. Rai की नाराज़गी पर Eros का जवाब, Farhan Akhtar बोले – बिना अनुमति फिल्म नहीं बदल सकते”

📌 अनुक्रमणिका (Table of Contents)

  1. Raanjhanaa AI Ending पूरा विवाद?

  2. Eros का बचाव और कानूनी स्थिति

  3. Dhanush और Aanand L. Rai की भावनात्मक प्रतिक्रिया

  4. फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी का समर्थन

  5. सोशल मीडिया पर जनता की राय

  6. AI और सिनेमा: तकनीक बनाम नैतिकता

  7. निष्कर्ष और आपका क्या कहना है?

Raanjhanaa AI Ending पूरा विवाद?

2013 की हिट फिल्म Raanjhanaa, जिसमें Dhanush, Sonam Kapoor और Swara Bhasker ने मुख्य भूमिका निभाई थी, का हाल ही में एक AI-अल्टर्ड वर्ज़न तमिल में Ambikapathy नाम से फिर से रिलीज़ किया गया। इस नई रिलीज़ का क्लाइमैक्स बदल दिया गया है — जहाँ पहले Kundan (Dhanush) की मौत हो जाती थी, अब वो अंत में ज़िंदा बचता है।

इस बदलाव से न केवल फैंस चौंक गए, बल्कि फिल्म के डायरेक्टर Aanand L. Rai और लीड एक्टर Dhanush ने भी खुलकर नाराज़गी जताई।

Eros का बचाव और कानूनी स्थिति 

Eros International, जो कि फिल्म का निर्माता और राइट्स होल्डर है, ने इस विवाद पर आधिकारिक बयान जारी किया है:

विषयEros का जवाब
AI क्लाइमैक्सयह एक वैकल्पिक संस्करण है, मूल फिल्म से छेड़छाड़ नहीं की गई
कानूनी अधिकारEros ही एकमात्र वित्तदाता और IP मालिक है
Tere Ishk Mein विवादAanand L. Rai की नई फिल्म को Raanjhanaa यूनिवर्स से जोड़ना अवैध बताया
AI का उपयोगकेवल सहायक उपकरण के रूप में किया गया, न कि स्वतः कंटेंट जनरेशन के लिए

Eros ने यह भी स्पष्ट किया कि Aanand L. Rai का फिल्म में व्यक्तिगत निवेश नहीं था, और उनका नैतिक दावा कानूनन मान्य नहीं है।

Dhanush और Aanand L. Rai की भावनात्मक प्रतिक्रिया 

Dhanush ने ट्वीट करते हुए कहा:

“यह वो फिल्म नहीं है जिसके लिए मैंने 12 साल पहले हां कहा था। AI से इस तरह बदलाव करना कला और कलाकार दोनों का अपमान है।”

Aanand L. Rai ने भी अपनी नाराज़गी जताते हुए कहा कि इस फिल्म का मूल सार ही खत्म कर दिया गया है।

उनके बयान के बाद सोशल मीडिया पर भी प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। कुछ ने Dhanush का समर्थन किया, तो कुछ ने उन्हें ट्रोल किया।

Farhan Akhtar और Ritesh Sidhwani का समर्थन

Farhan Akhtar ने एक प्रेस इवेंट में कहा:

“अगर कोई क्रिएटर अपने काम में बदलाव से खुश नहीं है, तो मैं हमेशा उनके साथ खड़ा रहूंगा।”

Ritesh Sidhwani ने भी जोड़ा:

“AI एक टूल है, लेकिन बिना अनुमति किसी फिल्म को बदलना सही नहीं है।”

यह समर्थन फिल्म इंडस्ट्री में एक नई बहस को जन्म दे रहा है: “क्या AI कला को बदल सकता है?”

Raanjhanaa AI Ending

सोशल मीडिया पर जनता की राय**

यूजरराय
@CinemaLover“AI से बदलाव का क्या मतलब? ये तो ओरिजनल जादू खत्म कर देता है।”
@PeaceFan“Kundan का ज़िंदा होना मेरे लिए एक हीलिंग मोमेंट था। लेकिन हां, अनुमति जरूरी है।”
@TrollZone“Dhanush को बस इस बात का गुस्सा है कि उन्हें रॉयल्टी नहीं मिली!”
@RealFan“Original Ending ही फिल्म की जान थी – ‘Ab saala kaun marzi se jeeta hai

AI और सिनेमा: तकनीक बनाम नैतिकता

पक्षतर्क
Eros और AI समर्थकनया क्लाइमैक्स सिर्फ एक अल्टरनेटिव वर्जन है, ओरिजनल से छेड़छाड़ नहीं
निर्देशक/कलाकाररचनात्मक इंटेग्रिटी और सहमति के बिना बदलाव नहीं होना चाहिए
जनताबंटी हुई – कुछ बदलाव को पसंद कर रहे, कुछ विरोध में हैं
 

निष्कर्ष और आपका क्या कहना है?

Raanjhanaa एक ऐसी फिल्म थी जिसने दर्शकों को भावनात्मक रूप से झकझोर कर रख दिया था। उसका क्लाइमैक्स ही उसकी आत्मा था। अब जब उसी आत्मा को AI ने “जिंदा” किया, तो बहस छिड़ गई — क्या तकनीक के नाम पर भावनाओं के साथ खेला जा सकता है?

Eros का कहना है कि सब कुछ कानूनी है। लेकिन सवाल यह नहीं कि “क्या किया जा सकता है?” सवाल यह है कि “क्या किया जाना चाहिए?”

💬 अब आपकी बारी!

क्या आपको AI से बदला हुआ क्लाइमैक्स ठीक लगा?
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