“कोर्ट से राहत: MF Hussain की पेंटिंग्स पर FIR दर्ज करने से इनकार, Delhi Art Gallery पर कार्रवाई नहीं”

टेबुल ऑफ कंटेंट्स

  1. MF Hussain की पेंटिंग्स पर  विवाद की शुरुआत

  2. कोर्ट का आदेश और तर्क

  3. DAG का पक्ष और जवाब

  4. विशेषज्ञ और जनता की राय

  5. निष्कर्ष और आगे की प्रक्रिया

MF Hussain की पेंटिंग्स पर विवाद की शुरुआत

पिछले साल दिल्ली की प्रसिद्ध Delhi Art Gallery (DAG) में आयोजित प्रदर्शनी “Husain: The Timeless Modernist” के दौरान MF Hussain की दो पेंटिंग्स को लेकर विवाद खड़ा हो गया था।

अधिवक्ता अमिता सचदेवा ने शिकायत दर्ज कराई थी कि इन पेंटिंग्स में हिंदू देवताओं को असामान्य और आपत्तिजनक तरीके से चित्रित किया गया है। उनकी दलील थी कि एक पेंटिंग में गणेश जी की गोद में नग्न महिला दिखाई गई थी और दूसरी पेंटिंग में हनुमान जी को नग्न महिला के साथ दिखाया गया

सचदेवा ने 4, 6 और 10 दिसंबर को प्रदर्शनी के CCTV फुटेज की सुरक्षा और पेंटिंग्स के तुरंत हटाए जाने पर भी आपत्ति जताई।

कोर्ट का आदेश और तर्क

पाटियाला हाउस कोर्ट, दिल्ली के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सौरभ प्रताप ललर ने मंगलवार को याचिका खारिज कर दी, जिसमें DAG के निदेशक और मालिकों के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की गई थी।

कोर्ट ने कहा:

“मामला संवेदनशील जरूर है, लेकिन ये निजी गैलरी में प्रदर्शनी का मामला है, सार्वजनिक हिंसा या साम्प्रदायिक अशांति का नहीं। कोई दंगे या हिंसा नहीं हुई और उपलब्ध सबूत पर्याप्त हैं।”

कोर्ट ने यह भी नोट किया कि शिकायतकर्ता अभी भी सबूत पेश कर सकती हैं और गवाहों के जरिए मामले को आगे बढ़ा सकती हैं।

घटनातारीखविवरण
प्रदर्शनी4,6,10 दिसंबर 2024Husain: The Timeless Modernist
शिकायतदिसंबर 2024अमिता सचदेवा ने FIR की मांग की
पेंटिंग्स जब्त22 जनवरी 2025दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा में रखीं
कोर्ट आदेश20 अगस्त 2025FIR की मांग खारिज, मामला शिकायत केस में चलेगा
MF Hussain

DAG का पक्ष और जवाब

DAG ने हमेशा कला की स्वतंत्रता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पेंटिंग्स कानूनी तरीके से खरीदी गईं और कस्टम क्लियरेंस भी प्राप्त थी

सिनियर एडवोकेट माधव खुराना और अन्य अधिवक्ता DAG का प्रतिनिधित्व कर रहे थे। कोर्ट ने DAG के पक्ष में तर्क दिया कि पुलिस जांच की आवश्यकता इस समय नहीं है।

कोर्ट ने कहा:

“शिकायतकर्ता के पास सारे सबूत हैं, जैसे कि फोटोज़, CCTV फुटेज और जब्त पेंटिंग्स। इसमें कोई धोखाधड़ी या सबूत छेड़छाड़ नहीं पाई गई।”

 

विशेषज्ञ और जनता की राय

MF Hussain भारतीय कला जगत के सबसे विवादित कलाकारों में से एक हैं। उनके चित्र कई बार विवादों में आए, खासकर हिंदू देवी-देवताओं की असामान्य छवियों के कारण।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा:

“हमें कोर्ट से कोई लिखित आदेश अभी तक नहीं मिला है। जब आदेश आएगा, हम उसका पालन करेंगे। फिलहाल पेंटिंग्स लौटाई नहीं गई हैं।”

कुछ कला प्रेमियों का मानना है कि कला में स्वतंत्रता होनी चाहिए, और कोई भी आलोचना केवल व्यक्तिगत राय तक सीमित रहनी चाहिए। वहीं, कुछ धार्मिक समूहों ने इसे संवेदनशीलता का उल्लंघन बताया।

MF Hussain

निष्कर्ष और आगे की प्रक्रिया

कोर्ट ने स्पष्ट किया कि FIR की कोई आवश्यकता नहीं है। शिकायतकर्ता के पास सभी सबूत और गवाहों तक पहुंच है। मामला अब साधारण शिकायत केस की तरह चलेगा, जिसमें न्यायाधीश सभी सबूतों की जांच करेंगे।

MF Hussain का नाम भारतीय कला में महान, लेकिन विवादास्पद दोनों ही रूपों में लिया जाता है। उनके निधन के बाद भी उनकी कलाकृतियां चर्चा का विषय बनी हुई हैं।

मुख्य बात:

  • FIR नहीं दर्ज होगी।

  • DAG को राहत मिली।

  • कला की स्वतंत्रता और धार्मिक संवेदनशीलता के बीच संतुलन पर बहस जारी।

आप क्या सोचते हैं? क्या कला की स्वतंत्रता धार्मिक भावनाओं से ऊपर हो सकती है, या ऐसी संवेदनशील पेंटिंग्स पर प्रतिबंध होना चाहिए? नीचे कमेंट सेक्शन में अपनी राय जरूर साझा करें।

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