Pradeep Ranganathan ने 1.5 साल तक पिता से छिपाया आईटी जॉब छोड़ने का राज, बोले – “सोचा क्या तू मणिरत्नम है?” अब बने ब्लॉकबस्टर डायरेक्टर

🔍 विषय सूची (Table of Contents)

  1. शुरुआती ज़िंदगी और करियर की शुरुआत

  2. नौकरी छोड़ने और पिताजी से छुपाने का समय-रेखा

  3. “मणिरत्नम” वाला तंज: विवाद या प्रेरणा?

  4. फिल्मों में सफलता: Love Today से Dragon तक

  5. जनता की राय और सोशल मीडिया का असर

  6. विशेषज्ञों की टिप्पणी

  7. निष्कर्ष और आगे की चुनौती

शुरुआती ज़िंदगी और करियर की शुरुआत

Pradeep Ranganathan एक इंजीनियरिंग ग्रेजुएट हैं। अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने एक सामान्य IT जॉब शुरू की। लेकिन वो हमेशा से फिल्म-निर्माण की ओर खिंचे रहे। उन्होंने छोटे-छोटे शॉर्ट फिल्म और विज्ञापन (ads) बनाने शुरू किए।

नौकरी छोड़ने और पिता से छुपाने का समय-रेखा

नीचे एक टाइमलाइन है, जिसमें घटना की क्रमवार जानकारी है:

समयघटना
2015 से पहलेPradeep Ranganathan इंजीनियरिंग कर रहे थे; IT जॉब में थे।
करीब 1.5 सालउन्होंने IT जॉब छोड़ने का निर्णय लिया, पर अपने पिता से नहीं बताया कि उन्होंने नौकरी पूरी तरह से छोड़ी है।
नाइट-शिफ्ट का बहानापिता को ये बताया गया कि वो नाइट-शिफ्ट जॉब कर रहे हैं। सुबह माता यह दिखाती थीं कि उनका बेटा रात भर काम कर रहा था, इसलिए सो रहा है।
2019Pradeep की पहली निर्देशकीय फीचर फिल्म Comali रिलीज हुई — तब पिता को पता चला कि बेटा फिल्म बना रहा है।
2022Love Today नामक फिल्म उन्होंने डायरेक्शन के साथ अभिनय भी किया और युवाओं में खास लोकप्रिय हुई।
2025Dragon जैसी हिट फिल्में, Dude और Love Insurance Kompany (LIK) जैसी फ़िल्में आने वाली हैं।
Pradeep Ranganathan

“मणिरत्नम” वाला तंज: विवाद या प्रेरणा?

Pradeep Ranganathan ने बताया है कि जब उनके पिता को यकीन नहीं था कि फिल्म-निर्माण सिर्फ उनकी “शौक” है, उन्होंने उनसे हँसते हुए पूछा: “तू मणिरत्नम है क्या?” यह एक तरह का मजाक था, लेकिन उस समय Pradeep Ranganathan के लिए दर्दनाक भी। ये तंज यह दर्शाता है कि परिवार और समाज में फिल्म-निर्माता बनने को लेकर कितनी शंकाएँ और पूर्वाग्रह होते हैं।

लेकिन अब वही पिता Pradeep Ranganathan की सफलता से बहुत गर्व महसूस करते हैं।

 

फिल्मों में सफलता: Love Today से Dragon तक

Pradeep Ranganathan की करियर ग्रोथ कुछ इस तरह रही:

  • Comali (2019) — निर्देशकीय शुरुआत। 

  • Love Today (2022) — निर्देशन + अभिनेत्व, युवाओं में खास चर्चा।

  • Dragon (2025) — सफल फिल्म; इसमें उन्होंने साथ लिखा भी है। 

  • आने वाली फिल्में: Dude (17 अक्टूबर 2025 रिलीज), Love Insurance Kompany (LIK) दिसंबर 2025 में रिलीज होगी। 

जनता की राय और सोशल मीडिया का असर

  • सोशल मीडिया पर लोग Pradeep Ranganathan की ईमानदारी और संघर्ष की कहानी बहुत पसंद कर रहे हैं — “पूरी पहचान बनाने का संघर्ष” कहलाता है।

  • कुछ आलोचक है कि उनकी स्क्रिप्ट सरल विषयों पर आधारित होती हैं, जो “फिल्मी बताने की शैली” से ज्यादा कुछ नया नहीं देती। लेकिन युवा पब्लिक इसे relatable मानती है। 

  • कुछ सोशल मीडिया यूज़र्स ने यह भी चर्चा की कि Pradeep Ranganathan ने अपनी सफलता का उपयोग प्रेरणा देने के लिए किया है — जिन्होंने फिल्मों में entry करना चाहते हैं, उनके लिए यह कहानी मोटिवेटिंग है।

विशेषज्ञों की टिप्पणी

  • फिल्म समीक्षक/विश्लेषक कहते हैं कि Pradeep Ranganathan की सफलता का मुख्य कारण है उनकी “relatable कहानी और youth connect” — जब आप युवा दर्शकों को फिल्म के चरित्रों में खुद देख पाते हैं, तो प्रभाव गहरा होता है।

  • एक अन्य विशेषज्ञ मानते हैं कि Pradeep ने समय लिया, जल्दीबाजी नहीं की — यह रणनीति सफलता के लिए महत्वपूर्ण है। 

  • इसके अलावा, उन्होंने भाषा, संवाद और हास्य के प्रयोग से अपनी फिल्मों को ऐसे बनाया है कि वे सिर्फ तमिल दर्शकों ही नहीं बल्कि अन्य भाषाएँ देखने वालों तक पहुँच सकें — जैसे Love Today का हिंदी रीमेक Loveyapa

Pradeep Ranganathan

निष्कर्ष और आगे की चुनौती

Pradeep Ranganathan की कहानी यह सिखाती है कि सिर्फ प्रतिभा ही काफी नहीं होती; दृढ़ विश्वास, साहस, और अपने सपने के लिए संघर्ष भी उतने ही ज़रूरी हैं। जहाँ एक ओर पिता द्वारा “मणिरत्नम” जैसा तंज था, वहीं आज वही पिता गर्व से बेटे के पुरस्कार, फोटो संभालते हैं। 

लेकिन चुनौती अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है:

  • अब जब फिल्में ब्लॉकबस्टर होती हैं, तो अपेक्षाएँ बढ़ जाती हैं — विषयों की विविधता, अनुभव की गहराई, आलोचनात्मक स्वीकृति।

  • Pradeep Ranganathan ने अभी अपनी निर्देशकीय छवि जारी नहीं छोड़ी है, लेकिन अभिनय और निर्देशन के बीच संतुलन बनाना महत्वपूर्ण होगा।

  • उनके आने वाले प्रोजेक्ट्स जैसे Dude और LIK इस बात की कसौटी हैं कि क्या वह फिल्म-निर्माण की नई दिशाएँ ले सकते हैं।

📢 अंत में: आपका नजरिया क्या है?

क्या आपको लगता है कि Pradeep Ranganathan जैसे युवा फिल्मकारों की कहानी (जहाँ उन्होंने परिवार से सच छिपा कर अपने सपने का पीछा किया) मध्यम-वर्ग या छोटे शहरों के युवाओं के लिए प्रेरणादायक है?
नीचे कमेंट करें और बताएं:

  • क्या पिता-परिवार की अपेक्षाएँ सपने पूरे होने में बाधा हैं या प्रेरणा?

  • “तू मणिरत्नम है क्या?” जैसे तंज सिर्फ डर को दर्शाते हैं या कुछ और?

  • आने वाली फिल्मों से आप क्या उम्मीद रखते हैं Pradeep Ranganathan से?

समापन:
Pradeep Ranganathan की कहानी हमें याद दिलाती है कि सफलता अक्सर संघर्ष की चुप्पी से शुरू होती है। और जो अपनी आवाज़ और जुनून को दबाता नहीं, वही अंततः फलक पर चमक पाता है। आप भी अपने सपने दबाएं नहीं — लगता है अब समय है उजागर होने का।

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