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“‘The Bengal Files’ विवाद बढ़ा: Vivek Agnihotri पर केस, Pallavi Joshi का West Bengal सरकार को कड़ी चुनौती”

📑 Table of Contents

  1. ताज़ा विवाद: नया FIR दर्ज

  2. ग़लत चित्रण का आरोप – परिवार की आपत्ति

  3. अब तक की FIRs और कोर्ट की दखल

  4. ‘The Bengal Files’ – फाइल्स ट्रिलॉजी का तीसरा हिस्सा

  5. पल्लवी जोशी का बड़ा बयान – “लोकतंत्र पर हमला”

  6. जनता और विशेषज्ञों की राय

  7. गॉसिप और सियासी पेंच

  8. निष्कर्ष और सवाल

ताज़ा विवाद: नया FIR दर्ज

विवेक अग्निहोत्री (Vivek Agnihotri) की फिल्म The Bengal Files अभी रिलीज़ भी नहीं हुई है, लेकिन विवादों में घिर चुकी है। ताज़ा जानकारी के मुताबिक़, स्वतंत्रता सेनानी गोपाल मुखर्जी (Gopal Mukherjee) उर्फ गोपाल पाथा के पोते संताना मुखर्जी ने एक नया FIR दर्ज करवाया है।

उनका आरोप है कि फिल्म में उनके दादा का ग़लत चित्रण किया गया है और बिना इजाज़त उनका नाम इस्तेमाल किया गया।

ग़लत चित्रण का आरोप – परिवार की आपत्ति

संताना मुखर्जी ने कहा:

  • “हम कड़ा विरोध करते हैं कि हमारे दादा को फिल्म में ‘कसाई’ (Butcher) दिखाया गया। असल में वे स्वतंत्रता संग्राम संगठन ‘अनुशीलन समिति’ से जुड़े थे।”

  • “उनकी सिर्फ़ दो बकरी के मांस की दुकानें थीं। वे पहलवान थे और 1946 में मुस्लिम लीग द्वारा कोलकाता में कराई गई साम्प्रदायिक हिंसा से लोगों की रक्षा के लिए हथियार उठाए।”

आरोपपरिवार का जवाब
फिल्म में “कसाई” दिखाया गयावे स्वतंत्रता सेनानी और अनुशीलन समिति के सदस्य थे
पेशे से कसाई कहा गयावे दो बकरी मांस की दुकानों के मालिक थे
The Bengal Files

अब तक की FIRs और कोर्ट की दखल

  • सबसे पहला FIR मुर्शिदाबाद ज़िले में दर्ज हुआ था, जब फिल्म का टीज़र जारी हुआ।

  • दूसरा FIR लेक टाउन पुलिस, कोलकाता में दर्ज हुआ, जिसमें आरोप था कि फिल्म में ऐसे दृश्य हैं जो साम्प्रदायिक सद्भाव बिगाड़ सकते हैं।

  • 31 जुलाई को विवेक अग्निहोत्री और पल्लवी जोशी ने कलकत्ता हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की, FIRs को खारिज करने के लिए।

  • 4 अगस्त को जस्टिस जय सेनगुप्ता की बेंच ने इन FIRs पर अस्थायी रोक (interim stay) लगा दी।

 

‘The Bengal Files’ – फाइल्स ट्रिलॉजी का तीसरा हिस्सा

  • विवेक अग्निहोत्री पहले ही दो फिल्में बना चुके हैं:

    • The Tashkent Files (2019)

    • The Kashmir Files (2022)

  • दोनों फिल्में विवादों और सुर्खियों में रहीं।

  • The Bengal Files को इस ट्रिलॉजी का तीसरा हिस्सा माना जा रहा है।

पल्लवी जोशी का बड़ा बयान – “लोकतंत्र पर हमला”

पल्लवी जोशी, जो फिल्म में भी अहम रोल निभा रही हैं, ने कोलकाता में ट्रेलर लॉन्च रोकने पर West Bengal सरकार पर हमला बोला।
उन्होंने कहा:

  • “ये सिर्फ़ हमारी फिल्म पर हमला नहीं, बल्कि लोकतंत्र पर हमला है। लोगों को सच जानने से रोका जा रहा है।”

उनके इस बयान ने विवाद को और बढ़ा दिया है।

जनता और विशेषज्ञों की राय

  • सोशल मीडिया पर #TheBengalFiles लगातार ट्रेंड कर रहा है।

  • कुछ लोग मानते हैं कि “फिल्म इतिहास का सच सामने लाएगी।”

  • तो वहीं कई यूज़र्स का कहना है कि “बिना तथ्यों को जांचे ऐसे चित्रण से समाज में तनाव पैदा हो सकता है।”

🎙️ फिल्म क्रिटिक अजय ब्रह्मात्मज का कहना है:

  • “विवेक अग्निहोत्री की फिल्में अकसर विवाद पैदा करती हैं। लेकिन सवाल यह है कि क्या इतिहास को तोड़-मरोड़कर पेश किया जा रहा है या सच को सामने लाया जा रहा है?”

गॉसिप और सियासी पेंच

कहा जा रहा है कि ममता बनर्जी सरकार पहले भी फिल्मों पर “गैग ऑर्डर” लगाने के आरोप झेल चुकी है।

  • The Kashmir Files को लेकर कई राज्यों में राजनीति हुई।

  • अब The Bengal Files भी चुनावी साल में एक बड़ा मुद्दा बन सकता है।

👉 सियासी गलियारों में चर्चा है कि “क्या ये विवाद जानबूझकर बढ़ाया जा रहा है ताकि फिल्म को पब्लिसिटी मिले?”

निष्कर्ष और सवाल

The Bengal Files अभी रिलीज़ भी नहीं हुई और इसके खिलाफ़ कम से कम तीन FIRs दर्ज हो चुकी हैं। कोर्ट ने फ़िलहाल राहत दी है, लेकिन विवाद थमता नज़र नहीं आ रहा।

विवेक अग्निहोत्री की फिल्में हमेशा हिट और विवाद – दोनों साथ लाती हैं। अब देखना होगा कि The Bengal Files क्या सच में इतिहास का आईना दिखा पाएगी या फिर एक और विवादित फिल्म बनकर रह जाएगी।

📢 Call to Action

आपको क्या लगता है –
👉 क्या The Bengal Files सच दिखाने की कोशिश है या एक राजनीतिक एजेंडा?
👉 क्या फिल्मों को रोकना वाकई लोकतंत्र पर हमला है?

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