“Online Betting केस में Vijay Deverakonda की ED ऑफिस में पेशी, बोले- सिर्फ सफाई देने के लिए बुलाया गया था”

📑 Table of Contents

  1. ED ऑफिस में क्या हुआ—शॉकिंग दृश्य

  2. Case Timeline & Figures

  3. Vijay Deverakonda का क्लियर स्टैंड: “मैंने कोई अवैध प्रमोशन नहीं किया”

  4. ग्लोबल स्केल की जाँच — 29 सेलेब्स पर ED की कार्रवाई

  5. Prakash Raj और Rana Daggubati का केस अपडेट

  6. पब्लिक ओपिनियन: सोशल मीडिया में क्या कहा जा रहा है

  7. एक्सपर्ट व्यू: कानून और मान्यता की व्याख्या

  8. निष्कर्ष: Vijay की सादगी या संदेह की छाया?

  9. 👉 आपकी राय? बताएं!

💥 ED ऑफिस में क्या हुआ—शॉकिंग दृश्य

6 अगस्त को सुबह 11 बजे, Vijay Deverakonda Basheerbagh में Enforcement Directorate (ED) के कार्यालय पहुंचे। भारी मीडिया कवरेज के बीच ट्रोलर आज भी कह रहे हैं, “क्या सच में सट्टेबाजी ऐप केस में नाम आया?” Vijay ने प्रेस से कहा:

“मुझे केवल कुछ बातें क्लियर करने बुलाया गया था।”  

लगभग 4½ घंटे तक कड़ाई से पूछताछ चली। लेकिन Vijay ने साफ़ किया कि वे सिर्फ अपने पुराने endorsement को स्पष्ट करने आए थे — किसी भी अवैध सट्टेबाजी ऐप को प्रमोट नहीं किया था।

📊  Case Timeline & Figures

तारीखघटना
जुलाई 10ED ने 29 सेलेब्स पर ECIR दर्ज किया, पहले से दर्ज FIRs के आधार पर  
जुलाई 23Rana Daggubati को पहली बार ED द्वारा समन भेजा गया, पर आगे date  माँगी गई  
जुलाई 30Prakash Raj ने ED के सामने अपने पक्ष में बयान दिया, कहा – उन्होंने कोई पैसा नहीं लिया था  
अगस्त 6Vijay Deverakonda पेश हुए; स्पष्ट कहा – मैंने legal gaming app ही प्रमोट किया था  
अगस्त 11Rana Daggubati की अगली तारीख निर्धारित हुई  
अगस्त 13Manchu Lakshmi को ED द्वारा बुलाया गया है

🎤 Vijay Deverakonda का क्लियर स्टैंड

Vijay Deverakonda ने मीडिया से कहा:

“मैंने कोई betting app प्रमोट नहीं किया। ऐप जिसका endorsement किया, वो एक legal gaming platform A23 था—GST और TDS सहित पूरी तरह से लाइसेंस प्राप्त था।”  

उन्होंने अधिकारियों को अपना financial documents, बैंक ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड और agreement कॉपी जमा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि उस ऐप का उपयोग तेलंगाना में उपलब्ध नहीं था।

 
Vijay Deverakonda

🕵️‍♂️ ग्लोबल स्केल की जांच — 29 सेलेब्स पर ED की कार्रवाई

ED ने कुल 29 सेलिब्रिटीज पर PMLA एक्ट के तहत केस दर्ज किए हैं, जिसमें से कुछ टॉलीवुड और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स शामिल हैं: Vijay Deverakonda, Prakash Raj, Rana Daggubati, Manchu Lakshmi, Nidhi Agarwal, Pranitha Subhash आदि। 

FIRs Telangana और Andhra Pradesh पुलिस द्वारा दर्ज हुईं, जिनमें आरोप लगाया गया कि इन सितारों ने अवैध betting ऐप्स को प्रमोट किया, जिससे बड़े पैमाने पर मनी लॉन्ड्रिंग संभव हुई।

🙋‍♂️ Prakash Raj और Rana Daggubati का अपडेट

Prakash Raj: 30 जुलाई को पूछताछ के दौरान कहा कि उन्होंने 2016 में एक गेमिंग ऐप के लिए प्रमोशन किया था, लेकिन उन्होंने कोई पेमेंट नहीं लिया। उन्होंने न्यू प्रोमोशनल कॉन्ट्रैक्ट से दूर हटने का दावा किया।  

Rana Daggubati: 23 जुलाई को बुलाया गया था लेकिन शूटिंग के कारण नहीं आ सके, अब 11 अगस्त को ED के सामने पेश होना है।

💬  पब्लिक ओपिनियन: सोशल मीडिया में क्या कहा जा रहा है

सोशल मीडिया पर लोग सवाल उठा रहे हैं:

“क्या Vijay सच में betting app प्रमोट करता था?”
“Skill-based गेमिंग और betting में कितना फर्क?”
“क्या celebrities धोखाधड़ी में शामिल थे?”

कुछ थ्रेड्स में कहा जा रहा है, “Law will decide what is right or wrong,” जैसा Vijay ने मीडिया से कहा था।

🧠 एक्सपर्ट व्यू: कानून और मान्यता की व्याख्या

क़ानून के मुताबिक, Supreme Court ने स्पष्ट किया है कि skill-based गेमिंग ऐप्स जैसे रम्मी, राजस्थान में वैध माने जाते हैं, क्योंकि उनमें चांस नहीं, बल्कि स्किल लगती है।

Vijay की टीम ने कहा कि endorsement यह दिखाने वाला था कि ऐप government recognized है, licensed है, और सभी legal फॉर्मेलिटीज पूरी करता है — इसके परिणामस्वरूप, उनका व्यवहार पूरी तरह से वैध है।  

Trade analysts का मानना है कि अगर सब कुछ दस्तावेज़ी तौर पर सही रहा — Vijay का case जल्दी clear हो सकता है।

Vijay Deverakonda

✅ निष्कर्ष: Vijay Deverakonda की सादगी या संदेह की छाया?

जहाँ ED की कार्रवाई बड़े स्तर पर जारी है, वहीं Vijay Deverakonda ने अपनी स्थिति स्पष्ट की—इत्तला देने, बैंक दस्तावेज और ईमानदारी के साथ।

उनका कहना है कि वे पैसा नहीं लेते, कभी betting ऐप नहीं प्रमोट किया। इस कहानी में अगर कहीं भ्रष्टाचार था, तो  प्रमाण की कमी समस्या है। लेकिन अगर सच में सभी endorsements legal थे, तो यह मामला जल्द खत्म हो सकता है।

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